Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 23, 2011 जीवन अलग अलग भेस में हमारे सामने आता है. कभी यह जलाता रेगिस्तान लगता है तो कभी गुलाब के फूलों का बगीचा बन जाता है. जीवन पल पल बदलता है. इसकी यही अनिश्चितता इसे रोचक बनाती है. जीवन जिस रूप में भी हमारे समक्ष आए इसे स्वीकार करना चाहिए. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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