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मष्तिष्क को जैसी खुराक मिलती है वह उसी प्रकार सोंचता  है . सकारात्मक सोंच से व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलाती है जबकि नकारात्मक सोंच व्यक्ति को पीछे खींचती है.
जीवन में आने वाला प्रत्येक दिन नया होता है और अपने साथ नयी संभावनाएं लाता है.
जिसके मन में प्रश्न उठते हैं वही उनके उत्तर प्राप्त करता है.
जीवन सीखने की एक अनंत प्रक्रिया है. यदि आप तैयार हैं तो जिंदगी आपको बहुत से सबक सिखाएगी.
कर सकने और न कर सकने के बीच का फर्क जीवन को सर्वाधिक प्रभावित करता है.
अंतिम श्वास तक आशा नहीं छोड़नी चाहिए.
व्यक्ति को मारा जा सकता है उसकी विचारधारा को नहीं. नाथूराम गोडसे ने गाँधी जी की हत्या की किन्तु गाँधी आज भी अहिंसा के सिद्धांत के द्वारा लोगों को अपने अधिकारों के लिए शांति पूर्ण ढंग से लड़ने को प्रेरित कर रहे हैं.