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सप्त रंग एक साथ आते हैं तो इंद्रधनुष बन जाते हैं। आपस में मिल जाते हैं तो प्रकाश बन जाते हैं। 
गहन अंधेरे के बाद सदैव उजाला होता है। 
स्वयं को तुच्छ न समझें। अपनी सामर्थ्य अनुसार प्रयास करें। 
जब परिस्तिथियाँ विपरीत हों तब स्वयं का सहारा बनें। 
कोमलता के पीछे दृढ़ इच्छाशक्ति होती है। नन्हें पौधों को देखें। 
जो आपके सामने है उसे स्वीकार किये बिना सुधार नही हो सकता है। 
आपके विचार व्यक्तित्व की नींव रखते हैं।