Posts

सदियों से हर संस्कृति में सुंदरता के अलग अलग मानदंड हैं किन्तु सुंदरता भीतर से आती है यह सार्वभौमिक सत्य  हैं। 
ध्वंस के लिए आक्रोश का एक पल ही बहुत हैं किंतु सृजन हेतु  साहस धैर्य और सहनशक्ति की अवश्यकता होती है। 
ज्ञान के प्रकाश से ही अज्ञान का अँधेरा मिटता है। 
कर्म के बिना फल नहीं मिलता है। 
कर्तव्य पहले फिर अधिकार।
आस्था वह आधार है जिस पर साब कुछ आधारित हैं। 
दृढ़ता सफलता की तरफ ले जाती है।